जीवन के सच्चे मित्र ~ Life's best friends ~ सुभाषित संस्कृत श्लोक 16

Life's best friends


विद्या मित्रं प्रवासेषु भार्या मित्रं गॄहेषु च।
व्याधितस्यौषधं मित्रं धर्मो मित्रं मॄतस्य च॥





सुभाषित संस्कृत श्लोक 15 का भावार्थ:

प्रवास (घर से दूर निवास) में विद्या मित्र होती है,
घर में पत्नी मित्र होती है,
रोग में औषधि मित्र होती है और
मृतक का मित्र धर्म होता है ॥



English Translation Of Subhashitani Shloka #16-

Knowledge is friend in the journey,
wife is the friend at home,
drug is friend in illness and
Dharma (righteousness) is the friend after death.




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