भारत जमीन का टुकड़ा नहीं ~ अटल बिहारी वाजपेयी


Bharat zameen ka tukda nahi Poem


भारत जमीन का टुकड़ा नहीं,

जीता जागता राष्ट्रपुरुष है।

हिमालय मस्तक है, कश्मीर किरीट है,

पंजाब और बंगाल दो विशाल कंधे हैं।

पूर्वी और पश्चिमी घाट दो विशाल जंघायें हैं।

कन्याकुमारी इसके चरण हैं, सागर इसके पग पखारता है।

यह चन्दन की भूमि है, अभिनन्दन की भूमि है,

यह तर्पण की भूमि है, यह अर्पण की भूमि है।

इसका कंकर-कंकर शंकर है,

इसका बिन्दु-बिन्दु गंगाजल है।

हम जियेंगे तो इसके लिये

मरेंगे तो इसके लिये।


 श्री अटल बिहारी वाजपेयी का जीवन परिचय




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About Anil Dwivedi

1 टिप्पणियाँ:

  1. Manneey atal bihari pajpeyi ji ka vyaktitva ak aadarah raha hai . Bharat ko apuraniy shhati Hui hai . Bajpeyi ji ko koti koti pranam.

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